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जहांगीर को छुड़वाने के लिये थाने पर धावा बोलने की कोशिश
कोलकाता। फलता इलाके में मंगलवार को उस समय भारी अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया, जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता जहांगीर खान की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। हालात इस कदर बेकाबू हुए कि सुरक्षा बलों को लाठियां लेकर आगे बढ़ता देख प्रदर्शनकारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर जगह न मिलने के कारण दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने पास के एक बड़े तालाब में छलांग लगा दी और तैरकर दूसरे किनारे पर पहुंचने के बाद वहां से रफूचक्कर हो गए। इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम और तालाब में कूदते लोगों के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने इलाके में भारी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेल में बंद जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग फलता की सड़कों पर उतरे थे। आरोप है कि प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर रहा था और भीड़ का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय थाने का घेराव करने तथा लॉकअप से जहांगीर को जबरन छुड़ाने की बातें करते हुए आगे बढ़ रहा था। इसकी भनक लगते ही मुस्तैद केंद्रीय बल के जवान और भारी पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा बलों ने जैसे ही मोर्चा संभाला और लाठियां भांजते हुए भीड़ को खदेडऩा शुरू किया, प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त हो गए और कुछ ही मिनटों में पूरी सड़क खाली हो गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि भगदड़ के दौरान लोगों को भागने का रास्ता नहीं सूझा और उन्होंने सीधे तालाब में कूदना बेहतर समझा।
गौरतलब है कि जहांगीर खान फलता और आसपास के क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं और वे दक्षिण 24 परगना जिला परिषद में महत्वपूर्ण पद भी संभाल चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में वे फलता सीट से तृणमूल के आधिकारिक उम्मीदवार थे, लेकिन चुनाव के दौरान हुई भारी हिंसा और धांधली के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने का कड़ा आदेश दिया था। चुनाव नतीजों के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों में तृणमूल खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गई, जिसके बाद जहांगीर परिवार सहित फरार हो गए थे। बाद में उन्हें नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह त्वरित कार्रवाई की गई और एहतियात के तौर पर अब पूरे फलता क्षेत्र में भारी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।